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कविता: कड़ाही में उछली पूरी
Sarangi: Lesson 12
Goalपूरी पर एक छोटी कविता सुनना और तुलना वाले शब्द पहचानना।
New words
कड़ाही · तलने का गहरा बरतनपूरी · तली हुई फूली रोटीफूलना · हवा से भरकर बड़ा होनागुब्बारा · हवा से भरा खिलौनान्यारा · सबसे अलग
Explanation
यह कविता पूरी के बारे में है। पूरी तेल में डालते ही फूल जाती है। कविता में पूरी की तुलना गुब्बारे से की गई है। जब दो चीज़ों की कोई बात एक-सी होती है, तब हम तुलना करते हैं। कविता गाओ।
कड़ाही में उछली पूरी,
फूलकर बन गई गुब्बारा।
थाली में आकर बोली,
खा लो, मेरा रूप है न्यारा!
Worked examples
कविता की एक चीज़ देखो।
तुक वाले शब्द सुनो।
तुम्हारी पसंद की तली-भुनी चीज़ के बारे में दो पंक्तियाँ बोलो।
Class activity
पूरी-फूली खेल। सब बच्चे पूरी बनकर छोटे होकर बैठें। कविता गाते हुए धीरे-धीरे हाथ फैलाकर खड़े हों। 'गुब्बारा' पर गोल घूमें और 'थाली' पर बैठकर नमस्ते करें।
Practice
1
सुनो। रज़िया ने पूरी कहाँ रखी?
…
थाली में।
2
कविता में पूरी कहाँ उछली?
कड़ाही में।
3
चित्र देखो। यह कौन है और क्या करता है?
रसोइया। वह खाना बनाता है।
4
'गुब्बारा' की तुक किस शब्द से मिलती है?
न्यारा।
5
कविता गाकर सुनाओ।
बच्चा पूरी कविता या दो पंक्तियाँ गाए।