कहानी: उबलता दूध
रसोई में आग और गरम चीज़ें होती हैं। इसलिए बच्चे गरम बरतन ख़ुद नहीं छूते। ज़रूरत हो तो बड़ों को बुलाते हैं। कहानी सुनो और बताओ: नंदिनी ने क्या किया? उसने सही किया या नहीं?
शाम को माँ ने चूल्हे पर दूध गरम करने रखा।
फिर वे छत पर कपड़े उठाने चली गईं।
नंदिनी और उसका छोटा भाई कबीर बैठक में खेल रहे थे।
अचानक नंदिनी ने देखा, दूध ऊपर उठ रहा है!
कबीर बोला, चलो, बरतन उतार दें।
नंदिनी बोली, नहीं! बरतन गरम है। हम माँ को बुलाते हैं।
नंदिनी ने ज़ोर से पुकारा, माँ, दूध उबल रहा है!
माँ जल्दी से आईं और आँच धीमी कर दी।
माँ बोलीं, शाबाश! तुम दोनों ने सही किया।
नहीं! बरतन गरम है।
हम माँ को बुलाते हैं।
रसोई के सुरक्षित काम। बच्चा बड़ों के साथ ऐसे काम करे जो सुरक्षित हों: सब्ज़ी धोना, मेज़ पर चम्मच रखना, रोटियाँ गिनकर डिब्बे में रखना। बड़े बताएँ कि कौन-सी चीज़ें गरम हैं और उन्हें छूना मना है।
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