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कविता: सबके त्योहार
Sarangi: Lesson 15
Goalत्योहारों की कविता सुनना, तुक पहचानना और अपने त्योहार के बारे में बोलना।
New words
त्योहार · ख़ुशी का ख़ास दिनदीप · मिट्टी का छोटा दीयासेवइयाँ · दूध में बनी मीठी चीज़तारे · रात में चमकने वालेगीत · गाने की चीज़
Explanation
हमारे देश में बहुत-से त्योहार मनाए जाते हैं। हर परिवार अपने ढंग से त्योहार मनाता है। आज की कविता में अलग-अलग त्योहारों की बात है। सुनो और गुनगुनाओ। पंक्तियों के अंत की एक-सी आवाज़ पर ध्यान दो।
दिवाली पर दीप जलाएँ,
ईद पर सेवइयाँ खाएँ।
क्रिसमस पर तारे चमकाएँ,
लोहड़ी पर सब गीत गाएँ।
मिल-जुलकर सब हाथ मिलाएँ,
हर त्योहार को प्यार से अपनाएँ।
Worked examples
कविता की दो चीज़ें देखो।
तुक वाले शब्द सुनो।
तुम्हारे घर कौन-सा त्योहार मनाते हैं? तुम्हारे किसी दोस्त के घर कौन-सा? बताओ।
Class activity
त्योहार की पर्ची। हर बच्चा किसी एक त्योहार का नाम सोचे और उसकी कोई ख़ास चीज़ का चित्र बनाए, जैसे दीया, सेवइयाँ, तारा या पतंग। फिर सबको चित्र दिखाकर बताए कि इस दिन उसके घर क्या होता है। बाक़ी सब ताली बजाएँ।
Practice
1
सुनो। बिहू के दिन सब किस पर नाचते हैं?
…
ढोल पर।
2
इनमें से कौन-सा शब्द अलग आवाज़ से शुरू होता है? दीया, दादी, सितारा, दरवाज़ा।
सितारा। बाक़ी सब 'द' से शुरू होते हैं।
3
चित्र देखो। त्योहार पर घर में क्या बाँटते हैं? नाम बोलो।
मिठाई।
4
कविता में क्रिसमस पर क्या चमकाने की बात है?
तारे।
5
किसी एक त्योहार का नाम और उसकी एक ख़ास बात बोलो।
कोई भी सही उत्तर। जैसे: होली में रंग खेलते हैं।