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कहानी: बाज़ार में ईशान
Sarangi: Lesson 8
Goalएक कहानी सुनना और समझना कि मुश्किल में घबराने की जगह क्या करना चाहिए।
New words
भीड़ · बहुत सारे लोग एक जगहगुब्बारा · हवा से फूलने वाला खिलौनादुकान · जहाँ सामान बिकता हैडर · घबराहटसुरक्षित · ख़तरे से दूर
Explanation
इस कहानी में ईशान एक मुश्किल में पड़ता है। मुश्किल में घबराना नहीं चाहिए। रुकना चाहिए, सोचना चाहिए और किसी भले बड़े से मदद माँगनी चाहिए। सुनकर बताओ: ईशान ने क्या सही किया?
ईद से पहले बाज़ार में बहुत भीड़ थी।
ईशान अपनी दादी का हाथ पकड़कर चल रहा था।
उसने एक गुब्बारे वाले को देखा और हाथ छोड़ दिया।
पलटकर देखा तो दादी नहीं दिखीं।
ईशान को डर लगा।
वह एक दुकान के पास रुक गया।
उसने दुकान वाली दीदी से कहा, मेरा नाम ईशान है। मेरी दादी खो गई हैं।
दीदी ने उसे कुर्सी पर बिठाया।
थोड़ी देर में दादी आ गईं और ईशान को गले लगा लिया।
Worked examples
कहानी के दो लोगों को देखो और नाम बोलो।
कहानी की एक जगह सुनो और बोलो।
तुम बाज़ार में किसका हाथ पकड़कर चलते हो? बताओ।
Class activity
अपना पता बताओ। बच्चा अपना पूरा नाम, माँ या पिताजी का नाम और घर के पास की कोई जानी-पहचानी जगह बोलकर बताए। फिर नाटक करें: एक बड़ा दुकानदार बने। बच्चा जाकर कहे: मैं खो गया हूँ। मेरा नाम ... है।
Practice
1
सुनो। सुनीता कहाँ रुकी?
…
पेड़ के नीचे।
2
कहानी में ईशान किसका हाथ पकड़कर चल रहा था?
दादी का।
3
चित्र देखो। ईशान ने इसे देखकर क्या किया?
दादी का हाथ छोड़ दिया।
4
खो जाओ तो क्या करना चाहिए?
वहीं रुकना चाहिए और किसी भले बड़े या दुकान वाले से मदद माँगनी चाहिए।
5
अपना पूरा नाम बोलो।
बच्चा अपना पूरा नाम बोले।